बैंक कर्मी की अभद्रता से क्षुब्ध महिला खाताधारक ने बैंक के उच्च अधिकारियों से लगाई न्याय की गुहार
*बैंक कर्मी की अभद्रता से क्षुब्ध महिला खाताधारक ने बैंक के उच्च अधिकारियों से लगाई न्याय की गुहार*
- प्रधानमंत्री कार्यालय, बैंक लोकपाल एवं उच्चाधिकारियों से की निष्पक्ष कार्रवाई की मांग।
संकल्प विज़न / उन्नाव- गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा नेतुवा में उपभोक्ता के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। घटना के अनुसार बैंक महिला कर्मचारी (कैशियर) ने खाते से जुड़े नियमित कार्य के सिलसिले में पहुँची महिला उपभोक्ता के साथ न केवल रूखा व्यवहार किया, बल्कि उसके साथ उच्च स्वर में अपमानजनक शब्दों का प्रयोग भी किया। इस पूरे प्रकरण से आहत पीड़िता ने बैंक प्रबंधन के साथ-साथ बैंक लोकपाल तथा प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखित शिकायत भेजकर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
*घटना के दौरान उपभोक्ता को हुआ मानसिक तनाव*
जानकारी के अनुसार पीड़िता फूलमती पत्नी स्व० सजीवन निवासिनी आजाद नगर शुक्लागंज, उन्नाव अपने खाते से संबंधित कार्य से बैंक पहुँची थीं। लेकिन संबंधित महिला कर्मचारी (कैशियर) ने बिना किसी उचित कारण उनसे व उनके पुत्र नितिन वर्मा से असम्मानजनक ढंग से बातचीत की। पीड़िता ने बताया कि कर्मचारी का व्यवहार न केवल गैर-पेशेवर था, बल्कि बैंकिंग सेवा मानकों के अनुरूप बिल्कुल नहीं था। उन्होंने कहा कि यह घटना अन्य ग्राहकों की उपस्थिति में हुई, जिससे उन्हें अत्यधिक अपमान का अनुभव और मानसिक रूप से तनाव भी हुआ।
*उच्च स्तर पर भेजी गई शिकायत*
उक्त घटना से अजीज उपभोक्ता ने मामले को हल्के में न लेते हुए इसकी विस्तृत शिकायत तैयार की और इसे बैंक शाखा प्रबंधक, संबंधित ज़ोनल कार्यालय, बैंक लोकपाल और यहां तक कि प्रधानमंत्री कार्यालय तक प्रेषित किया है। पीड़िता के पुत्र ने बताया कि ऐसे व्यवहार से बैंकिंग सेवाओं में जनता का विश्वास प्रभावित होता है। उन्होंने मांग की है कि संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कठोर एवं त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य उपभोक्ता को इस प्रकार की स्थिति का सामना न करना पड़े।
*बैंक प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार*
सूत्रों के अनुसार शिकायत को गंभीरता से लेते हुए यह मामला ऊपरी स्तर तक पहुँच चुका है, हालांकि बैंक की ओर से अब तक किसी प्रकार का आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बैंकिंग नियमों के अनुसार उपभोक्ता द्वारा की गई किसी भी शिकायत की जाँच अनिवार्य है और बैंक लोकपाल के समक्ष प्रस्तुत शिकायतों पर निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
*उपभोक्ता की सुरक्षा एवं सम्मान बनाए रखने पर जोर*
बैंकिंग संस्थानों में उपभोक्ता सेवा अत्यधिक संवेदनशील विषय है। बैंक कर्मचारियों के व्यवहार और कार्यशैली को लेकर समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जाए, जिनका पालन अनिवार्य हो। साथ ही ऐसे मामलों में जाँच और कार्रवाई न केवल पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक है, बल्कि बैंक की साख बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर चर्चा है और लोगों का कहना है कि बैंक कर्मचारियों को विनम्रता, धैर्य और पेशेवर तरीके से उपभोक्ताओ के साथ व्यवहार करना चाहिए।
अब सभी की निगाहें बैंक प्रशासन एवं बैंक लोकपाल द्वारा की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। उपभोक्ता और स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़िता को न्याय मिलेगा और ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0