उन्नाव में कानपुर लखनऊ हाईवे के पास बनेगा सैटेलाइट बस स्टेशन, चिह्नित हुई जमीन, पुराना बस अड्डा भी PPP मॉडल के तहत होगा विकसित

Jan 14, 2026 - 18:06
 0  138
उन्नाव में कानपुर लखनऊ हाईवे के पास बनेगा सैटेलाइट बस स्टेशन, चिह्नित हुई जमीन, पुराना बस अड्डा भी PPP मॉडल के तहत होगा विकसित

1- लंबी दूरी की बसें शहर में नहीं करेंगी प्रवेश

2- शहर में जाम की समस्या से मिलेगी बड़ी राहत

संकल्प विज़न /उन्नाव - लखनऊ-कानपुर समेत लंबी दूरी तय करने वाली रोडवेज बसों को पकड़ने के लिए यात्रियों को अब शहर के अंदर सब्जी मंडी स्थित रोडवेज बस स्टाप नहीं आना पड़ेगा। शीघ्र कानपुर-लखनऊ लखनऊ हाईवे पर परिवहन निगम एक सैटेलाइट बस स्टेशन बनाने जा रहा है। इस बस स्टेशन के निर्माण के बाद लंबी दूरी पर चलने वाली रोडवेज बसों का शहर में प्रवेश बंद हो जाएगा। इससे काफी हद तक शहर में जाम की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। एआरएम गिरीश चंद्र वर्मा ने बताया कि इसकी प्रकिया शुरू हो गई है।

शहर के सबसे भीड़भाड़ वाले स्थान सब्जी मंडी के पास स्थापित रोडवेज बस स्टेशन जाम का सबसे बड़ा कारण है। मार्ग संकरा होने व बसों के पूरे दिन चक्कर लगाने से दिनभर रुक-रुककर जाम लगता है। लंबे समय से एक सैटेलाइट बस अड्डे की मांग हो रही थी। अब इसकी प्रकिया तेज हो गई है। एआरएम गिरीश चंद्र वर्मा ने बताया कि डीएम गौरांग राठी ने कानपुर-लखनऊ हाईवे पर दही क्षेत्र में रोडवेज वर्कशाप के पास ही सैटेलाइट बस स्टेशन के लिए जगह का चिह्नांकन किया है। जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।

सैटेलाइट बस स्टेशन बनने से कानपुर-लखनऊ समेत अन्य लंबी दूरी तय करने वाले बसों का यहीं से संचालन होगा। इन बसों के शहर के अंदर प्रवेश न करने से जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगा। बता दें कि सेटेलाइट स्टेशन शहर के मुख्य बस स्टैंड के बाहर, शहर की सीमा के पास बना एक ऐसा बस अड्डा होता है, जो शहर के अंदर ट्रैफिक और भीड़ को कम करने के लिए बनाया जाता है, ताकि लंबी दूरी की बसें शहर के अंदर आए बिना ही यात्रियों को उतार सकें और ले जा सकें, जिससे मुख्य बस अड्डे पर लोड कम हो और शहर के अंदर आवागमन सुगम हो सके। सैटेलाइट बस स्टेशन यात्रियों की सुविधा और यातायात सुगमता को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।

यह मिलेंगी सुविधाएं

टिकट काउंटर व आनलाइन टिकट सहायता

प्रतीक्षालय, शुद्ध पेयजल, शौचालय, बैठने की समुचित व्यवस्था

प्रकाश व्यवस्था, सीसी कैमरे, पुलिस चौकी और फायर सेफ्टी सिस्टम

पार्किंग स्थल, आटो, ई-रिक्शा की सुविधा, दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप

सूचना बोर्ड, खानपान स्टाल और प्राथमिक चिकित्सा केंद्र

कानपुर-लखनऊ रूट पर चलने वाली बसों के लिए हाईवे के किनारे रोडवेज वर्कशाप के पास सैटेलाइट बस स्टेशन बनाया जाएगा। इससे इस रूट पर चलने वाली बसें यहीं खड़ी हो सकेंगी। शहर के अंदर बसों के न जाने से जाम की समस्या से भी निजात मिलेगा।

गिरीश चंद्र वर्मा, एआरएम

उन्नाव के रोडवेज बस अड्डे का होगा कायाकल्प, PPP मॉडल से होगा विकसित*                                                        संकल्प विज़न/ उन्नाव - जिले में यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में परिवहन निगम ने बड़ा कदम उठाया गया है। उन्नाव रोडवेज स्टेशन अब पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) माडल पर विकसित किया जाएगा। जिसमें आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, डिजिटल सूचना बोर्ड, ई-टिकटिंग काउंटर, पार्किंग, शापिंग कांप्लेक्स और फूड कोर्ट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। निजी सहभागिता से निर्माण के साथ ही रखरखाव भी बेहतर ढंग से हो सकेगा।

एआरएम गिरीश चंद्र वर्मा ने बताया कि उन्नाव रोडवेज बस स्टाप को भी पीपीपी माडल में शामिल किया गया है। चयनित कंपनी निर्माण के साथ-साथ संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालेगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। योजना के क्रियान्वयन के बाद उन्नाव को एक आधुनिक और व्यवस्थित रोडवेज स्टेशन की सौगात मिलने की उम्मीद है।

यात्रियों के लिए आरामदायक बैठक व्यवस्था

आधुनिक प्रतीक्षालय बनने से यात्रियों के लिए आरामदायक बैठने की व्यवस्था, पंखे व एसी तक की सुविधा होगी। इसके अलावा डिजिटल सूचना प्रणाली के लिए एलईडी डिस्प्ले पर बसों के आगमन व प्रस्थान की जानकारी मिलेगी। शापिंग एरिया बनने से दैनिक उपयोग की वस्तुओं की दुकानें होंगी। दोपहिया व चाैपहिया वाहनों के लिए पार्किंग के साथ सुरक्षा की दृष्टि से पूरे परिसर को कैमरों से लैस किया जाएगा।

सुरक्षा कर्मी भी तैनात होंगे। इसके अलावा दिव्यांगों के लिए दिव्यांगों के लिए रैंप, विशेष शौचालय व संकेतक समेत अन्य सुविधाओं से लैस किया जाएगा। जल्द ही रोडवेज बस स्टेशन को विकसित करने का काम शुरू किया जाएगा।

हवाई अड्डों की तर्ज होगा विकसित

एआरएम गिरीश चंद्र वर्मा ने बताया कि इस परियोजना के तहत बस स्टेशन को हवाई अड्डों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। निर्माण और रखरखाव करने वाली निजी कंपनियों को बदले में बस अड्डे पर विज्ञापन की सुविधा के अलावा पार्किंग शुल्क और दुकानों से होने वाली आय प्राप्त होगी। यह माडल बस अड्डों को केवल यातायात केंद्र न रखकर उन्हें आधुनिक वाणिज्यिक हब के रूप में विकसित करने पर केंद्रित है। बताया कि प्रदेश के 75 जिलों में बस स्टेशनों को पीपीपी माडल के तहत तीन चरणों में विकसित किया जा रहा है। जिसमें उन्नाव का भी चयन किया गया है।

क्या है पीपीपी माडल

पीपीपी माडल एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें सरकार और निजी कंपनी आपसी समझौते के तहत काम करती है। सरकार जमीन, अनुमति, नीतिगत सहयोग या आंशिक वित्तीय मदद देती है। निजी कंपनी निवेश करती है, निर्माण करती है और तय समय तक परियोजना का संचालन करती है।

बदले में निजी कंपनी को शुल्क, किराया या यूजर चार्ज के माध्यम से आमदनी होती है। सरकारी बजट के बोझ को कम करने व परियोजनाओं को जल्दी और बेहतर गुणवत्ता से पूरा करने के लिए आधुनिक तकनीक से इसका कार्य होता है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 1