5 हजार एकड़ एरिया में बसेगा ग्रेटर कानपुर, अत्याधुनिक सुविधाओं से होगा लैस, रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
संकल्प विज़न :- कानपुर के भविष्य को नई दिशा देने के लिए 5000 एकड़ में ग्रेटर कानपुर विकसित किया जाएगा. आधुनिक सुविधाओं, चौड़ी सड़कों, हरित क्षेत्रों और रोजगार के अवसरों से यह परियोजना शहर पर दबाव घटाएगी और विकास, निवेश व इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देगी. कानपुर: कानपुर शहर के भविष्य को नई दिशा देने के लिए ग्रेटर कानपुर की परिकल्पना की गई है. यह नया शहर करीब 5000 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित किया जाएगा. ग्रेटर कानपुर को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर सड़क नेटवर्क, हरियाली और सुनियोजित आवासीय व व्यावसायिक क्षेत्रों के साथ तैयार किया जाएगा. इसका मकसद कानपुर पर बढ़ते दबाव को कम करना और लोगों को बेहतर जीवन सुविधाएं देना है. यह परियोजना कानपुर के विकास की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक मानी जा रही है. ग्रेटर कानपुर बनने से न सिर्फ शहर का विस्तार होगा, बल्कि रोजगार, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नई मजबूती मिलेगी.
योजना का उद्देश्य क्या है
ग्रेटर कानपुर को बसाने का मुख्य उद्देश्य कानपुर शहर में बढ़ती आबादी और ट्रैफिक की समस्या से राहत दिलाना है. मौजूदा शहर पहले से ही काफी घना हो चुका है. ऐसे में एक नया, व्यवस्थित और आधुनिक शहर बसाने की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी. ग्रेटर कानपुर को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि यहां रहने वाले लोगों को स्कूल, अस्पताल, बाजार, पार्क और दफ्तरों के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े. हर जरूरी सुविधा पास में ही उपलब्ध हो सके, यही इस योजना की सोच है.
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया शहर
ग्रेटर कानपुर को पूरी तरह प्लान्ड सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा. यहां चौड़ी सड़कें, बेहतर जल निकासी, सीवरेज सिस्टम, बिजली और पानी की मजबूत व्यवस्था होगी. साथ ही शहर में बड़े पार्क, हरित क्षेत्र और खुले स्थान भी बनाए जाएंगे, ताकि लोगों को स्वच्छ वातावरण मिल सके. आवासीय इलाकों के साथ-साथ व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों का भी संतुलित विकास किया जाएगा. इससे यहां रहने वाले लोगों को रोजगार के अवसर भी आसानी से मिल सकेंगे और उन्हें रोज़गार के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा.
कानपुर के विकास को मिलेगा नया आधार
ग्रेटर कानपुर के बनने से कानपुर का समग्र विकास तेज होगा। यह नया शहर निवेशकों को भी आकर्षित करेगा, जिससे उद्योग, व्यापार और रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही कानपुर की पहचान सिर्फ एक पुराने औद्योगिक शहर के रूप में नहीं, बल्कि एक आधुनिक और विकसित शहरी क्षेत्र के रूप में बनेगी.5000 एकड़ में बसने वाला ग्रेटर कानपुर आने वाले वर्षों में कानपुर की तरक्की का नया केंद्र बनेगा. यह योजना न सिर्फ शहर का विस्तार है, बल्कि कानपुर के भविष्य की मजबूत नींव भी है. ग्रेटर कानपुर के लिए इन सात गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण, पांच हजार एकड़ के लिए तीन फेज में पूरा होगा काम. कानपुर :- केडीए ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर ग्रेटर कानपुर लाने की तैयारी में जुट गया है। पांच हजार एकड़ में अब तक शहर की सबसे बड़ी योजना लायी जा रही है। तीन फेज में योजना को धरातल पर लागाया मिलने के बाद जमीन को चिह्नित और अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू होगी।
खरीद और विक्रय पर रोक लगेगी
भीमसेन और आउटर रिंग के बीच में स्थित जमीन और सात गांवों की भूमि को अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए खरीद और विक्रय पर रोक लगा दी जाएगी। योजना में जमीन किसानों से सर्किल रेट का चार गुणा धन देकर खरीदारी की जाएगी। योजना में हर वर्ग के लिए आवासीय योजना और व्यावसायिक व औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किया जाएगा। इसके तहत तीन फेस में योजना लायी जाएगी। पहले फेस दो हजार एकड़ में होगा।
जानें पूरी डिटेल
परियोजना भीमसेन और निर्माणाधीन आउटर रिंग रोड के बीच विकसित की जाएगी। ये क्षेत्र भौंती से सिर्फ पांच किलोमीटर और भीमसेन रेलवे स्टेशन से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मंधना से भौंती बाईपास करीब साढ़े आठ किलोमीटर का है। इसकी सड़क की मरम्मत के लिए चार सौ करोड़ रुपये रखे गए है। इसके दोनों तरफ की भी जमीन विकसित होगी। यह गांव सेन पश्चिम पारा, सेन पूरब पारा, पतेहुरी गोपालपुर, गंभीरपुर कैथा सरनेतपुर, डांडे का पुरवा, दुर्जनपुर इटारा शामिल हो रहे है। इनकी जमीन के अधिग्रहण के लिए किसानों से बातचीत करके रजिस्ट्री करायी जाएगी। योजना में कमजोर वर्ग के लिए ईडब्ल्यूएस और एलआइजी श्रेणी के भूखंड व फ्लैट बनाए जाएगे। साथ ही मध्य व उच्च आय वर्ग के लिए एमआइजी, एचआइजी प्लाट, ग्रुप हाउसिंग, मल्टीस्टोरी बनायी जाएगी। इसके अलावा ग्रीनबेल्ट, पार्क, स्कूल व कालेज, अस्पताल, शापिंग काम्प्लेक्स, सामुदायिक केंद्र आधुनिक कूड़ाघर, दूषित पानी के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा कन्वेंशन सेंटर, सोलर लाइटिंग, वेस्ट मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी
ग्रेटर कानपुर को धरातल पर लाने के लिए 18 दिसंबर को होने वाली केडीए बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा गया। बोर्ड की सहमति मिलने के बाद जमीन को चिह्नित करने के साथ ही अधिग्रहण की तैयारी की जाएगी। इसके बाद ही दरें तय होगी और खाका बनाया जाएगा। डीएम सर्किल रेट का चार गुणा तक ही धन दिया जा सकता है।
मनोज कुमार, मुख्य नगर नियोजक, केडीए
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